Yuvraj Mehta Death Case: SIT की जांच पूरी, सीएम को रिपोर्ट सौंपने के बाद जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई

Yuvraj Mehta Death Case: SIT की जांच पूरी, सीएम को रिपोर्ट सौंपने के बाद जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई

उत्तर प्रदेश राज्य Yuvraj Mehta Death Case: SIT की जांच पूरी, सीएम को रिपोर्ट सौंपने के बाद जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई

Yuvraj Mehta Death Case: नोएडा इंजीनियर युवराज मेहता मौत केस में SIT की जांच पूरी हो गई है. एसआईटी ने 150 से ज्यादा लोगों के बयान लिए हैं. एक-आध दिन में एसआईटी अपनी रिपोर्ट सीएम को सौंप देगी.

Written byJalaj Kumar Mishra

Yuvraj Mehta Death Case: नोएडा इंजीनियर युवराज मेहता मौत केस में SIT की जांच पूरी हो गई है. एसआईटी ने 150 से ज्यादा लोगों के बयान लिए हैं. एक-आध दिन में एसआईटी अपनी रिपोर्ट सीएम को सौंप देगी.

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Jalaj Kumar Mishra 26 Jan 2026 23:39 IST

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Yuvraj Mehta Death Case

Yuvraj Mehta Death Case: नोएडा के इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में एसआईटी की टीम ने अपनी जांच पूरी कर ली है और अब इसे प्रशासन को सौंपने की तैयारी है. जांच रिपोर्ट से साफ हो जाएगा कि आखिर युवराज की मौत के लिए कौन-कौन जिम्मेदार है.

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150 अधिकारियों-कर्मचारियों के बयान दर्ज

नोएडा के सेक्टर 150 में टेक इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में गठित एसआईटी टीम की जांच लगभग पूरी हो चुकी है. जांच रिपोर्ट से सामने आएगा कि आखिर युवराज की मौत के लिए कौन-कौन जिम्मेदार है. जांच के दौरान एसआईटी ने चार बार प्राधिकरण में संबंधित अधिकारियों के बयान दर्ज किए हैं. माना जा रहा है कि करीब 150 अधिकारी और कर्मचारी के अलावा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए गए हैं. तमाम सबूत खंगालने के लिए एसआईटी की टीम ने दो बार घटना स्थल का दौरा भी किया था. 

इस जांच के बाद उन अधिकारियों की नींद जरूर उड़ी है जो जिन्होंने इस पूरे मामले में लापरवाही बरती और लापरवाही बरतने के साथ-साथ अपना काम सही से नहीं किया. 

सीएम को जल्द सौंपी जा सकती है रिपोर्ट

माना जा रहा है एक-दो दिन में एसआईटी अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप देगी और मुख्यमंत्री को सौंपे जाने के बाद अब जिम्मेदारों पर कारवाई होने का समय सिलसिला शुरू होे जाएगा. वहीं एसआईटी जांच मामले में सूत्रों का कहना है कि जांच के दौरान संबंधित अधिकारियों के बयानों में विरोधाभास दिखा है. घटना के बाद भी प्राधिकरण के जिम्मेदार अफसर मौके पर नहीं पहुंचे. अपने दफ्तर में बैठकर निचले स्तर के कर्मचारियों की रिपोर्ट का इंतजार करते रहे. एसआईटी को दिए गए बयानों के मौके पर पहुंचने का समय गलत बताया गया है. 

चार दिन बाद बरामद हुई युवराज की कार

16 जनवरी को इंजीनियर युवराज की कार पानी से भरे बेसमेंट में गिर गई थी. युवराज 90 मिनट तक मदद की गुहार लगाते रहे थे. लेकिन मौके पर मौजूद प्रशासनिक अमला युवराज को बचाने में नाकाम रहा था. युवराज के पिता के सामने ही डूबकर मौत हो गई थी. मौत के चौथे दिन युवराज की कार को गड्ढे से निकाल लिया गया था.

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