Assam News: असम में कुल 170000 अवैध विदेशी, सिर्फ 467 को भेजा उनके देश, राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने और क्या बताया? - governor lakshman prasad acharya says one lakh seventy thousand illegal foreigners in assam, 467 sent back to their countries
असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने सोमवार को बताया कि राज्य में करीब 1.7 लाख अवैध विदेशियों को चिह्नित किया गया है, लेकिन उनमें से केवल 467 को ही उनके मूल देशों में वापस भेजा जा सका है। उन्होंने यह भी बताया कि विदेशी न्यायाधिकरणों में 4.35 लाख से अधिक नागरिकता के मामले भेजे गए थे। इनमें से 3.5 लाख से अधिक का निपटारा हो चुका है। राज्यपाल ने राज्य में अपराध दर में आई कमी और जेलों के आधुनिकीकरण पर भी प्रकाश डाला।
1.7 लाख लोगों को अवैध विदेशी घोषित किया
यहां एक समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने कहा कि असम ने विदेशी न्यायाधिकरणों की स्थापना के बाद से पिछले साल 31 अक्टूबर तक संदिग्ध नागरिकता के लगभग 4.35 लाख मामले विदेशी न्यायाधिकरणों को भेजे हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से 3.5 लाख से अधिक मामलों का निपटारा किया जा चुका है, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 1.7 लाख लोगों को अवैध विदेशी घोषित किया गया है। 14 सीमा चौकियां और 14 गश्ती चौकियां कार्यरत
आचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि निर्वासन की प्रक्रिया के माध्यम से कुल 467 अवैध विदेशियों को उनके मूल देश में वापस भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि आज की तारीख में भारत-बांग्लादेश सीमा पर कछार, श्रीभूमि, धुबरी और दक्षिण सालमारा जिलों में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और स्थानीय पुलिस के साथ करीबी समन्वय में 14 सीमा चौकियां और 14 गश्ती चौकियां कार्यरत हैं।
राज्य में घटा अपराध
आचार्य ने कहा कि नवंबर 2025 में आयोजित 29वीं राज्यस्तरीय अपराध समीक्षा में राज्य में अपराध की स्थिति में महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिला। उन्होंने कहा कि प्रति लाख जनसंख्या पर अपराध दर 2021 में 379 थी जो 2025 में घटकर 121.6 हो गई। महिलाओं के खिलाफ अपराध भी 2024 के 10,546 मामलों के मुकाबले 2025 में घटकर 4,426 मामले रह गए हैं।
जेल की स्थापना का कार्य प्रगति पर
राज्यपाल ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की जेल आधुनिकीकरण परियोजना के तहत, कामरूप जिले के हाजो में 150 कैदियों के लिए उच्च सुरक्षा वाली एक जेल की स्थापना का कार्य प्रगति पर है। असम की वित्तीय स्थिति पर आचार्य ने कहा कि पिछले पांच सालों में राज्य ने जिम्मेदार राजकोषीय प्रबंधन, सतत सार्वजनिक निवेश और समावेशी विकास का मार्ग अपनाया है।