Alankar Agnihotri:बंधक बनाए जाने के सिटी मजिस्ट्रेट के आरोपों को डीएम ने किया खारिज, बोले- खुद आए थे आवास - Alankar Agnihotri The District Magistrate Dismissed The City Magistrate Allegations Of Being Held Hostage In B

Alankar Agnihotri:बंधक बनाए जाने के सिटी मजिस्ट्रेट के आरोपों को डीएम ने किया खारिज, बोले- खुद आए थे आवास - Alankar Agnihotri The District Magistrate Dismissed The City Magistrate Allegations Of Being Held Hostage In B

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बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री द्वारा जिलाधिकारी आवास पर बंधक बनाए जाने के आरोपों को जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने इन आरोपों को तथ्यहीन और भ्रामक बताते हुए कहा कि इनका जमीनी हकीकत से कोई संबंध नहीं है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सिटी मजिस्ट्रेट यूजीसी नियमों और हालिया घटनाक्रम पर चर्चा के लिए स्वयं जिलाधिकारी आवास आए थे।

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सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई चर्चा
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि जब सिटी मजिस्ट्रेट डीएम आवास पर आए थे, तब वहां एडीएम, एसएसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। सभी की उपस्थिति में कॉफी टेबल पर सौहार्दपूर्ण और शांत वातावरण में बातचीत हुई। किसी भी प्रकार का दबाव, रोक-टोक या अनुचित व्यवहार नहीं किया गया। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि बातचीत के दौरान किसी भी तरह के अपशब्दों या अमर्यादित भाषा का प्रयोग नहीं हुआ। सिटी मजिस्ट्रेट के साथ मानवीय और प्रशासनिक मर्यादाओं का पूरी तरह ध्यान रखते हुए संवाद किया गया। उन्होंने बंधक बनाए जाने जैसी भाषा के इस्तेमाल को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि इससे गलत संदेश जाता है। जिलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि प्रशासन हमेशा संवाद, सहमति और संवैधानिक मर्यादाओं में विश्वास रखता है और किसी भी अधिकारी के साथ अन्याय या जबरदस्ती का सवाल ही नहीं उठता।

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मतभेद हो सकते हैं, पर आरोप गलत: डीएम
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कहा कि सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा लगाए गए आरोप गलत बयानबाजी का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन संवाद को सनसनीखेज आरोपों में बदलना उचित नहीं है। जिलाधिकारी का कहना था कि जिला प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम में संयम, संतुलन और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया है और भविष्य में भी इसी राह पर आगे बढ़ा जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रशासन का रवैया हमेशा संवाद आधारित रहता है, और किसी भी अधिकारी के साथ किसी भी प्रकार की जबरदस्ती या अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह स्पष्ट किया गया कि सभी प्रशासनिक कार्य संवैधानिक मर्यादाओं में ही होते हैं।

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