अनुष्का के बाद रवि शंकर सेंटर ने ऋषभ के शिष्य होने के दावे की निंदा की, कहा- 'ये दावे गलत...' - After Anoushka Ravi Shankar Centre Refutes Rishab Sharma Claim Of Being Sitar Guru Disciple
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सितार वादक ऋषभ रिखीराम शर्मा खुद को पंडित रविशंकर का सबसे छोटा और आखिरी शिष्य बताते रहे हैं। लेकिन हाल ही में पंडित रविशंकर की बेटी अनुष्का शंकर ने इस दावे पर सवाल उठाए। आज रवि शंकर सेंटर ने भी अपना एक बयान जारी किया है।
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रवि शंकर सेंटर की ओर से बयान
रवि शंकर इंस्टीट्यूट फॉर म्यूजिक एंड परफॉर्मिंग आर्ट्स (रवि शंकर सेंटर) ने आधिकारिक बयान जारी किया है। पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में सेंटर के डायरेक्टर अमिताभ घोष ने कहा कि ये दावे गलत हैं। सेंटर ने साफ कहा कि 3 जनवरी 2012 को एक छोटी-सी अनौपचारिक रस्म हुई थी, जिसमें सिर्फ धागा बांधा गया था। यह कोई औपचारिक बंधन समारोह नहीं था। इसमें न तो कोई पुजारी था, न कोई खास धागा, न कोई घोषणा हुई, और न ही दूसरे लोग बुलाए गए थे। यह रस्म अचानक हुई और सिर्फ बच्चे के पिता और प्यार की वजह से की गई। 3 जनवरी 2012 से 9 मार्च 2012 तक सिर्फ कुछ क्लास हुईं (परिमल सदाफल के साथ), लेकिन कोई लंबी या नियमित शिक्षा नहीं दी गई।
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अनुष्का का बयान
अनुष्का ने कहा कि वे बचपन से ऋषभ को जानती हैं, क्योंकि उनके पिता संजय रिखीराम शर्मा (सितार बनाने वाले) थे। अनुष्का ने कहा कि ऋषभ बहुत प्रतिभाशाली हैं और अपनी सफलता के हकदार हैं, लेकिन यह कहानी कि वे पंडित रविशंकर के आखिरी या सबसे छोटे शिष्य थे, गलत तरीके से फैलाई गई है। उन्होंने बताया कि ऋषभ ने मुख्य रूप से पंडित रविशंकर के वरिष्ठ शिष्य परिमल सदाफल से सीखा और पंडित जी के साथ सिर्फ कुछ कैजुअल क्लास की हैं।
पंडित रविशंकर का निधन 12 दिसंबर 2012 को हुआ था। इसलिए उसके बाद कोई निर्देश नहीं दिए जा सकते। सबसे छोटे शिष्य शुभेंद्र राव और अनुष्का शंकर थे, जबकि आखिरी शिष्य निषाद गाडगिल और डॉ. स्कॉट आइजमैन थे। सेंटर ने कहा कि वे ऋषभ की प्रतिभा को कम नहीं करना चाहते, बस सही जानकारी देना चाहते हैं ताकि गलतफहमियां दूर हों और शिष्य शब्द का सही मतलब समझा जाए।
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