गणतंत्र दिवस:शिक्षारथों से जन-जन तक पहुंचा शिक्षा का संदेश, 1.48 करोड़ बच्चों ने एक साथ दी तिरंगे को सलामी - Up: On Republic Day, The Message Of Education Reached The People Through 375 Shiksha Raths.

गणतंत्र दिवस:शिक्षारथों से जन-जन तक पहुंचा शिक्षा का संदेश, 1.48 करोड़ बच्चों ने एक साथ दी तिरंगे को सलामी - Up: On Republic Day, The Message Of Education Reached The People Through 375 Shiksha Raths.

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77वें गणतंत्र दिवस पर उत्तर प्रदेश में शिक्षा, संविधान और राष्ट्रभक्ति का संगम देखने को मिला। प्रदेश के 1.32 लाख से अधिक परिषदीय विद्यालयों एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में एक साथ 1.48 करोड़ से अधिक छात्र-छात्राओं ने तिरंगे को सलामी देकर लोकतांत्रिक मूल्यों, राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रनिर्माण के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। विद्यालय प्रांगण राष्ट्रगान, वंदे मातरम और देशभक्ति गीतों से गूंज उठे।

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सुबह से ही प्रदेश के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट विद्यालयों और केजीबीवी में गणतंत्र दिवस समारोह पूरे उत्साह के साथ आयोजित किए गए। रंग-बिरंगे झंडों, आकर्षक सजावट, प्रभात फेरियों, तिरंगा रैलियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने विद्यालय परिसरों को जीवंत बनाया। नन्हे हाथों में तिरंगा और आंखों में भारत के उज्ज्वल भविष्य का सपना स्पष्ट झलक रहा था। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को भारतीय संविधान के मूल सिद्धांतों, नागरिक अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी देते हुए उन्हें जिम्मेदार, जागरूक और संस्कारित नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। विज्ञापन विज्ञापन

बता दें कि गणतंत्र दिवस पर शिक्षा, जागरूकता और जनसंवाद के इस संयुक्त प्रयास ने यह स्पष्ट कर दिया कि उत्तर प्रदेश में शिक्षा केवल विद्यालय परिसरों तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग तक पहुँचकर सशक्त, समावेशी और विकसित भारत के निर्माण की मजबूत नींव रख रही है।

विशेष शिक्षा जागरूकता अभियान बना गणतंत्र दिवस की पहचान
इस अवसर पर प्रदेशभर में विशेष शिक्षा जागरूकता अभियान भी संचालित किया गया, जिसने गणतंत्र दिवस को केवल उत्सव नहीं, बल्कि शिक्षा के व्यापक जनआंदोलन का रूप दे दिया। सभी 75 जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालयों से एक साथ कुल 375 शिक्षा रथों को झंडी दिखाकर रवाना किया गया। हर जिले से पांच-पांच शिक्षा रथ निकाले गए, जिनका उद्देश्य शिक्षा से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी सीधे आमजन तक पहुंचाना रहा।

4500 शिक्षा प्रहारियों ने किया नेतृत्व

प्रत्येक शिक्षा रथ पर दो शिक्षक व दस विद्यार्थी शामिल रहे। इस प्रकार प्रदेश भर में 4500 से अधिक शिक्षा प्रहरी (शिक्षक और विद्यार्थी), शिक्षा के संदेशवाहक बनकर अभियान का नेतृत्व करते नजर आए। निर्धारित भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत हर शिक्षा रथ ने तीन-तीन स्थानों पर ठहरकर आमजन से सीधा संवाद स्थापित किया। इसके माध्यम से प्रदेश में कुल 1125 स्थानों पर जनसंवाद आयोजित हुआ।

विभाग की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाया
जनसंवाद के दौरान बेसिक शिक्षा विभाग की विभिन्न इकाइयों द्वारा संचालित योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी साझा की गई। आमजन को परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को मिलने वाली निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, मध्यान्ह भोजन, छात्रवृत्ति, निःशुल्क नामांकन एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था के बारे में विस्तार से बताया गया। इसके साथ ही अभिभावकों को बच्चों के नियमित विद्यालय आने और शिक्षा से जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया गया।

छात्राओं ने दिया सशक्त और प्रेरक संदेश
प्रदेश के सभी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में गणतंत्र दिवस समारोह विशेष रूप से उत्साहपूर्ण रहा। छात्राओं ने देशभक्ति गीत, नृत्य, नाटक, भाषण और कविताओं के माध्यम से यह सशक्त संदेश दिया कि बेटियां आज शिक्षा के बल पर आत्मनिर्भर बनकर राष्ट्रनिर्माण की अग्रिम पंक्ति में खड़ी हैं। उनकी प्रस्तुतियों ने उपस्थित अभिभावकों और ग्रामीणों को प्रभावित दिया।

निदेशालयों में भी हुआ आयोजन
बेसिक शिक्षा निदेशालय, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद तथा राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान में भी गणतंत्र दिवस समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। अधिकारियों और शिक्षाविदों ने संविधान के मूल्यों को आत्मसात करने, गुणवत्तापूर्ण एवं मूल्यनिष्ठ शिक्षा को बढ़ावा देने तथा तकनीक आधारित शिक्षण को और अधिक सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया।

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