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रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति में खुदरा महंगाई के आधार पर ही ब्याज दरें तय करता है




खाने की चीजों, खासकर सब्जियों और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में नरमी आने से नवंबर में थोक महंगाई दर घटकर 4.64% दर्ज हुई है। यह इसका बीते तीन माह में सबसे कम स्तर है। अक्टूबर में यह 5.28% और पिछले साल नवंबर में 4.02% थी। बुधवार को जारी आंकड़ों में नवंबर में खुदरा महंगाई दर 2.33% पर थी, जो 17 माह में सबसे कम है। थोक महंगाई घटने का प्रमुख कारण खाद्य पदार्थों का एक साल पहले की तुलना में सस्ता होना है। खाने-पीने की चीजों की थोक महंगाई (-)3.31% दर्ज हुई है। अक्टूबर में यह (-)1.49% थी। ईंधन और बिजली की थोक महंगाई दर नवंबर में 16.28% रही। अक्टूबर में यह 18.44% थी। इसमें कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में गिरावट के बाद पेट्रोल-डीजल कीमतों में कमी आने का अहम योगदान है। हालांकि पिछले साल नवंबर की तुलना में रसोई गैस 23.22%, डीजल 20.16% और पेट्रोल 12.06% महंगा हुआ।
रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति तय करने में खुदरा महंगाई दर पर गौर करता है। पिछले हफ्ते मौद्रिक नीति की पांचवीं द्विमासिक समीक्षा में आरबीआई ने ब्याज दरों को यथावत रखा था। मॉनसून सामान्य रहने और खाने-पीने की चीजों की कीमतों में नरमी के मद्देनजर आरबीआई ने इस वित्त वर्ष के दूसरी छमाही में खुदरा महंगाई दर का अनुमान घटाकर 2.7-3.2% कर दिया है। अक्टूबर में इसने दूसरी छमाही में इसके 3.9-4.5% के बीच रहने का अनुमान जताया था।
इनके दाम घटे
सब्जियां 26.98%
प्याज 47.06%
दालें 5.42%
फल 2.49%
इनके दाम बढ़े
आलू 86.45%
गेहूं 9.18%
मोटे अनाज 7.23%
धान 4.29%
बीते आठ माह में थोक महंगाई
अप्रैल 3.62%
मई 4.78%
जून 5.68%
जुलाई 5.27%
अगस्त 4.53%
सितंबर 5.13%
अक्टूबर 5.28%
नवंबर 4.64%
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