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राजस्थान में 90, मध्यप्रदेश में 105 सीटों पर भाजपा और कांग्रेस के सामने अपने ही बने बागी




दोनों राज्यों में 30 सीटों पर बागी हार-जीत में निभा सकते हैं अहम रोल
भास्कर न्यूज | नई दिल्ली
राजस्थान, मध्यप्रदेश में भाजपा और कांग्रेस एक-दूसरे से चुनावी मैदान के बजाय अपने ही घर में लड़ रही हैं। वजह, टिकट न मिलने से नाराज नेता हैं। इनमें भाजपा और कांग्रेस के कई दिग्गज चेहरे भी हैं, जो पहले मंत्री या सांसद रह चुके हैं, अब वे दूसरे दलों से या फिर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर रहे हैं। बागी नेता पार्टी दफ्तर और अपने इलाकों में प्रदर्शन भी कर रहे हैं। ऐसे में दोनों दलों के बड़े नेता बागियों को मनाने में जुटे हैं। राजस्थान में भाजपा को करीब 60 सीटों पर और कांग्रेस को 40 सीटों पर बागी नेताओं का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, मध्यप्रदेश में भाजपा को 60 और कांग्रेस को 40 से 45 सीटों पर बगावत का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा-कांग्रेस को इन राज्यों में इसलिए भी डर सता रहा है, क्योंकि यहां हर चुनाव में 10 से 20% सीटों पर हार-जीत का अंतर काफी नजदीकी रहता है।
   विक्रम-वेताल में आज बगावत की कथा
चुनावी छत्तीसी की बेताल कथा
किरदार यहां राजा के रूप में जनता है, जिससे बेताल संवाद करता है।
कंधों पर आया बेताल और किया पहला सवाल… हे राजन…
लोकतंत्र के रक्षक। नेताओं के भाग्यविधाता। चुनाव तंत्र का बडा प्रपंच क्या है?
2013 चुनाव में मध्यप्रदेश की 230 में से 68 और राजस्थान की 200 में से 30 सीटों पर हार-जीत का अंतर 5% या इससे कम वोटों का था
राजस्थान: भाजपा के 170 प्रत्याशी घोषित, 41 विधायकों का टिकट कटा
राजस्थान में भाजपा अब तक 200 में से 170 उम्मीदवारों की सूची जारी कर चुकी है। इसमें 41 मौजूदा विधायकों के टिकट काटे गए हैं। इनमें 4 मंत्री भी हैं। कांग्रेस ने 184 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है। इनमें 3 मौजूदा विधायकों के नाम नहीं हैं। साथ ही 2013 में अशोक गहलोत के नेतृत्व में जिन 152 नेताओं ने चुनाव लड़ा था, उनमें से 79 को इस बार टिकट नहीं मिला है। पार्टी ने दो चुनाव हारे चेहरों को भी टिकट नहीं दिया है। कांग्रेस को 40 से 45 सीटों पर बगावत का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस-भाजपा दफ्तरों के बाहर टिकट न मिलने से नाराज नेता समर्थकों के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं। सीएम आवास के बाहर भी प्रदर्शन हुआ है।
भाजपा के सांसद, विधायकों को कांग्रेस दे रही टिकट
कांग्रेस ने भाजपा के 7 बागियों को टिकट दिया है। इनमें दौसा से भाजपा सांसद हरीश मीणा भी शामिल हैं। भाजपा नेता जसवंत सिंह के विधायक बेटे मानवेंद्र सिंह को कांग्रेस ने शनिवार को सीएम वसुंधरा राजे के खिलाफ झालरापाटन से टिकट दिया है। भाजपा ने 5 बागियों को टिकट दिया है।
विक्रम- हे बेताल, बड़ा प्रपंच वे लोग हैं जो कल तक जिनके जयकारे कर हे थे, आज टिकट कटने पर उन्हीं को हाय दे रहे हैं।
बेताल- विक्रम, टिकट क्या है?
विक्रम- हे बेताल…ध्यान से सुन। टिकट ताकत है। पांच साल के लिए सत्ता का सुख है। रसूख है। पैसा है, पावर है। सेवा है और उसका मेवा है। अगर टिकट कटेगा तो ये बेटिकट चुप कैसे रहेंगे।
भाजपा और कांग्रेस के सामने 2 राज्यों में बागी बने सबसे बड़ी चुनौती
भाजपा के बागी: मंत्री बाबूलाल वर्मा, सुरेंद्र गोयल, धनसिंह रावत, राजकुमार रिणवा, विधायक ज्ञानदेव अहूजा, अनीता कटारा, राधेश्याम, दिया कुमारी, विधायक हबीबुर्रहमान आदि।
कांग्रेस के बागी: पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चंद्रभान, बीडी कल्ला, विधायक घनश्याम, नारायण सिंह, हीरालाल।
एक ही संकल्प..टिकट…।
सिर्फ बूथ मेरा, टिकट किसी और का।
मध्यप्रदेश: भाजपा ने 54 विधायकों के टिकट काटे, आधे पार्टी के विरोध में
मध्यप्रदेश में भाजपा के 14 मंत्रियों के सामने अपने ही पार्टी के नेता निर्दलीय या किसी अन्य पार्टी के सहारे मैदान में हैं। इसके अलावा भाजपा के 3 मंत्री और करीब 25 विधायक अन्य पार्टियों या बतौर निर्दलीय मैदान में उतरे हैं। पार्टी ने 5 मंत्रियों समेत 54 मौजूदा विधायकों का टिकट राज्य में काटा है। भाजपा ने करीब 63 बागियों को पार्टी से भी बाहर भी कर दिया है। भाजपा के बागी 25 से 30 सीटों पर नुकसान पहुंचा सकते हैं। वहीं, कांग्रेस को करीब 20 से 25 सीटों पर अपने बागी नेताओं से नुकसान दिख रहा है। राज्य में नामवापसी की तारीख निकल चुकी है। इसके बावजूद भाजपा-कांग्रेस अपने बागियों को पार्टी में बड़ा ओहदा देकर मनाने की कोशिश में लगे हैं। सीएम शिवराज खुद वीडियो काॅन्फ्रेंस कर नेताओं को मना रहे हैं।
शिवराज सरकार में मंत्री रहे सरताज सिंह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी बेटे को टिकट नहीं से मिलने से बगावत पर उतर आए। उन्होंने अपने बेटे नितिन को सपा से टिकट दिलाया है।
भाजपा के बड़े बागी: पूर्व मंत्री राघवजी, रामकृष्ण कुसमरिया, केएल अग्रवाल, विधायक रेखा यादव, बह्मानंद र|ाकर, नरेंद्र सिंह कुशवाह, संगीता, नीलम मिश्रा, जीतेंद्र डागा, कमल मर्सकोले।
कांग्रेस के बड़े बागी: पूर्व मंत्री भगवान सिंह यादव, राजेश शुक्ला, प्रताप सिंह, साहिब सिंह गुर्जर, प्रदीप जयसवाल, किसान नेता डीपी धाकड़, चिंटू चौकसे, छोटे यादव, बाबूलाल शर्मा।
हा हा हा…मुझे सवाल का जवाब मिल गया…बहुत ताकतवर है टिकट…मैं भी अब टिकट मांगने चला।
…और बेताल उड़कर पार्टी के दफ्तर की ओर चला गया।
इलस्ट्रेशन : संजय डिमरी।
 
वसुंधरा राजे के खिलाफ जसवंत के बेटे मानवेंद्र
राजस्थान की सीएम वसुंधरा राजे ने राड़ी के बालाजी मंदिर में दर्शन और पूजा के बाद झालरापाटन सीट से नामांकन भरा। राजे के खिलाफ कांग्रेस ने जसवंत सिंह के बेटे और भाजपा के बागी विधायक मानवेंद्र सिंह को उतारा है।
 
12वीं में 75% नंबर लाने वाली छात्राओं को स्कूटी, हर साल 10 लाख रोजगार का वादा
भोपाल | भाजपा ने पहली बार मध्यप्रदेश में दो घोषणा पत्र जारी किए। इनमें पहला समृद्ध मध्यप्रदेश दृष्टि पत्र और दूसरा नारी शक्ति संकल्प पत्र है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इसे जारी करते हुए कहा कि हमारी सरकार हर साल 10 लाख रोजगार देगी। छोटे किसानों के खातों में उनकी खेती के रकबे के हिसाब से बोनस की राशि ट्रांसफर करेंगे। इसका फायदा उन 17 लाख किसानों को मिलेगा, जिन्हें कृषि समृद्धि या भावांतर योजना का लाभ नहीं मिल पाता। घोषणा पत्र के लिए पार्टी को 30 हजार से ज्यादा सुझाव मिले। इनमें से 700 सुझावों को पत्र में शामिल किया गया है। भाजपा सरकार आने पर 12वीं परीक्षा में 75% अंक लाने वाली लड़कियों को मुफ्त में स्कूटी दी जाएगी। लड़कियों को स्कूल और कॉलेज में सेनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराने के लिए मुक्ता योजना लाई जाएगी। सामान्य वर्ग के गरीब छात्रों के लिए पहली कक्षा से लेकर पीएचडी तक की पढ़ाई मुफ्त की जाएगी। इसमें मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी शामिल है।
 
छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस(जोगी) के अध्यक्ष अजीत जोगी ने शनिवार को 8 धर्म ग्रंथों पर हाथ रखकर चुनाव बाद भाजपा को राज्य में समर्थन नहीं देने की शपथ ली। जोगी ने कहा कि मुझे मौत मंजूर है, पर भाजपा से गठबंधन नहीं। चाहे मुझे सूली पर चढ़ा दें। जोगी की पार्टी का राज्य में बसपा के साथ गठबंधन है।
मध्यप्रदेश में पहली बार भाजपा ने महिलाओं के लिए अलग से घोषणा पत्र जारी किया
छत्तीसगढ़ में जोगी ने 8 धर्म ग्रंथों पर हाथ रखकर कहा- मौत मंजूर, पर भाजपा से गठबंधन नहीं
शिवराज, वित्त मंत्री जेटली ने दृष्टि-पत्र जारी किया।
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New Delhi – 90 seats in rajasthan 105 seats in madhya pradesh bjp and congress rebel

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