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मल्टीप्लेक्स और रूफ-टॉप हेलीपैड वाले बस अड्‌डे बनेंगे




केंद्र सरकार ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से मॉडर्न बस टर्मिनल बनाने को कहा है। राज्य पहले तमाम सुविधाओं वाला एक टर्मिनल बनाएंगे। यह राज्य के दूसरे बस स्टैंड के लिए मॉडल का काम करेगा। अगर इन्हें चलाने में राज्यों को नुकसान होता है तो केंद्र 40% तक भरपाई भी करेगा। सूत्रों के मुताबिक देशभर में ऐसे प्रोजेक्ट्स में 2,000 करोड़ रुपए से अधिक आर्थिक मदद की योजना है।
गौरतलब है कि सरकार वाहन प्रदूषण के साथ गाड़ियों के उत्पादन में आई तेजी के मद्देनजर पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है। इसी संदर्भ में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के परिवहन सचिवों को दिशानिर्देश भेजा है। इसमें उनसे कम से कम एक ऐसा बस टर्मिनल बनाने को कहा है। यहां यात्रियों को पीने का पानी, खाना, आराम की जगह और वॉशरूम आदि की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
मंत्रालय के मुताबिक जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर और सभी सुविधाओं वाले बस टर्मिनल बनने से पब्लिक बस ट्रांसपोर्ट सिस्टम विकसित करने में तेजी आएगी। दिशानिर्देश के मुताबिक यह टर्मिनल नई जगह पर विकसित किया जा सकता है, या मौजूदा बस स्टैंड को भी अपग्रेड कर बस पोर्ट में तब्दील किया जा सकता है बशर्ते फिजिबिलिटी स्टडी में उसे योग्य पाया जाए।
सूत्रों के मुताबिक इस तरह का बस टर्मिनल जल्दी ही केरल के कोझिकोड में बनाया जा सकता है। इसके विकास पर 122 करोड़ रुपए खर्च आने का अनुमान है। राज्य सरकार फिलहाल इसकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करवा रही है। इस प्रस्तावित पोर्ट के लिए गुजरात के वडोदरा स्थित बस पोर्ट को मॉडल माना जा सकता है।
आधुनिक बस टर्मिनल में ऐसी सुविधाएं होंगी
पार्किंग के लिए ज्यादा जगह
फूड कोर्ट्स और मल्टी प्लेक्स
रहने/सामान रखने की जगह
विश्वस्तरीय एक्जीबिशन सेंटर
रूफ-टॉप हैलीपेड
वाहन प्रदूषण से निपटने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट जरूरी: गडकरी
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का मानना है कि देश के पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम में आमूलचूल बदलाव की जरूरत है। उनके मुताबिक ऑटोमोबाइल सेक्टर की सालाना 22% ग्रोथ के लिए एक अलग हाईवे लेन बनाने की जरूरत है। पर इस पर कम के कम 88,000 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इतनी बड़ी रकम खर्च करना व्यावहारिक नहीं है। वाहन प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए उन्होंने पब्लिक ट्रांसपोर्ट को वक्त की जरूरत बताया।
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