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भारत रूस के साथ सैन्य अभ्यास करेगा




भास्कर न्यूज | जोधपुर/नई दिल्ली
भारत और रूस की वायुसेनाएं सोमवार से जोधपुर में संयुक्त सैन्य अभ्यास करेंगी। अभ्यास 12 दिन चलेगा। इसका मकसद ऑपरेशन स्किल बढ़ाना है। ड्रिल का नाम ‘अवींद्र’ रखा गया है। ड्रिल के लिए रूसी एयरफोर्स अपने विमान लेकर नहीं आएगा। अभ्यास में रूस निर्मित भारतीय विमानों का इस्तेमाल होगा। रक्षा विभाग के मुताबिक अभ्यास में रूसी पायलट भारतीय विमान उड़ाएंगे। पिछले साल अक्टूबर में भारत और रूस ने 10 दिन तक सैन्य अभ्यास किया था। इसमें उसकी तीनों सेनाएं शामिल हुई थीं। भारत ने रूस के साथ रविवार को विशाखापट्टनम में नौसेना का अभ्यास भी शुरू किया। इसमें रूस की नौसेना के जहाज वरयाग, पैंटेलेयेव और बोरिस बुटोमा शामिल हुए। दोनों देशों की नौसेना का यह दसवां संयुक्त सैन्य अभ्यास है। अभ्यास 16 दिसंबर तक चलेगा। अभ्यास के दो हिस्से होंगे। पहला हार्बर फेज और दूसरा सी फेज। हार्बर फेज विशाखापट्टनम में 12 दिसंबर तक चलेगा। इसका मकसद दोनों देशों में सांस्कृतिक और खेलों के लिए बेहतर तालमेल बनाना है। सी फेज 13 से 16 दिसंबर तक बंगाल की खाड़ी में होगा। इसमें पनडुब्बी युद्ध, एयर डिफेंस ड्रिल और जमीनी गोलीबारी अभ्यास आदि शामिल किए गए हैं।
जोधपुर में अवींद्र ड्रिल आज से, रूस के पायलट भारत के विमान उड़ाएंगे
चेंगदू में भारत-चीन की ड्रिल कल से, दोनों के सौ-सौ सैनिक हिस्सा लेंगे
भारत मंगलवार से चीन के साथ उसके चेंगदू शहर में भी संयुक्त सैन्य अभ्यास करेगा। इसका मकसद आतंक के खिलाफ खुद को और मजबूती से खड़ा करना है। अपनी सेनाओं का ऑपरेशन स्किल बढ़ाना है। अभ्यास 23 दिसंबर तक चलेगा। यह भारत और चीन के बीच सातवां संयुक्त सैन्य अभ्यास होगा। इसे ‘हैंड इन हैंड’ नाम दिया गया है। इसमें दोनों देशों के सौ-सौ सैनिक शामिल होंगे।
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