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कैफीन युक्त एनर्जी ड्रिंक्स महंगे होंगे, इन पर बढ़ सकता है टैक्स




कैफीन युक्त एनर्जी ड्रिंक्स महंगे हो सकते हैं। सरकार इन पर टैक्स बढ़ाने की सोच रही है। अभी इन पर 18% जीएसटी लगता है। इसे 28% किया जा सकता है। इसके अलावा 12% सेस भी लग सकता है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने यह जानकारी दी। जीएसटी रेट बढ़ने और सेस के बाद एनर्जी ड्रिंक्स पर टैक्स कोल्ड ड्रिंक्स के समान हो जाएगा। कोल्ड ड्रिंक्स पर 28% जीएसटी और 12% सेस मिलाकर कुल 40% टैक्स लगता है।
जीएसटी कानून में कार जैसी लग्जरी चीजों और सिगरेट-तंबाकू जैसी नुकसानदायक वस्तुओं पर सेस लगाने का प्रावधान है। अधिकारी ने बताया कि एनर्जी ड्रिंक्स बच्चों और युवाओं की सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन भी इसे लेकर कई बार चेतावनी जारी कर चुका है। इसलिए इन पर ज्यादा टैक्स लगना चाहिए। उन्होंने बताया कि जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक में इसका प्रस्ताव रखा जा सकता है। टैक्स बढ़ाने से सरकार को करीब 150 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आमदनी होगी।
भारत में 1,207 करोड़ का है एनर्जी ड्रिंक्स का बाजार
21,000 करोड़ रुपए का है कोल्ड ड्रिंक्स का बाजार भारत में
1,207 करोड़ का है स्पोर्ट्स और एनर्जी ड्रिंक्स मार्केट।
(स्रोत: यूरोमोनिटर इंटरनेशनल, स्टैटिस्टा)
जीएसटी रिटर्न का नया आसान फॉर्म 1 अप्रैल से लागू होगा
नई दिल्ली | जीएसटी रिटर्न भरने के लिए नया और आसान फॉर्म 1 अप्रैल 2019 से लागू होगा। राजस्व सचिव अजय भूषण पांडेय ने यह जानकारी दी। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने जीएसटी रिटर्न फार्म के सरलीकृत रूप ‘सहज’ और ‘सुगम’ को जुलाई में सार्वजनिक तौर पर सुझाव और टिप्पणियों के लिए पेश किया था। ये फार्म जीएसटीआर 3बी (समरी सेल्स रिटर्न फार्म) और जीएसटीआर-1 (फाइनल सेल्स रिटर्न फार्म) का स्थान लेंगे। पांडे ने कहा, सरकार को इस वित्त वर्ष के पहले 8 महीनों में जीएसटी से 7.76 लाख करोड़ रुपए मिले हैं। बजट में 13.48 लाख करोड़ का अनुमान लगाया गया था। इस लिहाज से हर महीने औसतन 1.12 लाख करोड़ टैक्स कलेक्शन होना चाहिए। लेकिन नवंबर में हम औसत से करीब चार हजार करोड़ रुपए पीछे रहे।
65% हिस्सा स्पोर्ट्स-एनर्जी ड्रिंक्स में एनर्जी ड्रिंक्स का।
22% सालाना बढ़ रहा है एनर्जी ड्रिंक्स का मार्केट।
85% हिस्से दारी इसमें रेड बुल की, बाकी 15% में दूसरी कंपनियां हैं।
इंग्लैंड में बच्चों को एनर्जी ड्रिंक्स बेचने पर रोक की मांग
सेहत को एनर्जी ड्रिंक्स से नुकसान की बात साबित नहीं हुई है। इंग्लैंड में बच्चों को इसकी बिक्री पर रोक की मांग की जा रही है। हालांकि वहां की साइंस कमेटी ने कहा है कि ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिसके आधार पर रोक लगे। इसका सुझाव है कि एनर्जी ड्रिंक्स के पैक पर बड़े अक्षरों में लिखा जाए कि इनसे बच्चों को नुकसान हो सकता है।
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