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इटली: बच्चों के अस्पताल और गरीबों के लिए फंडिंग जुटाने 20 हजार सांता सड़क पर उतरे; साइकिल और स्कूटर से 18 किमी रैली निकाली




महाराष्ट्र के नागपुर में अश्लील फिल्म देखने की लत से पीड़ित एक युवक ने अपनी भाभी और तीन साल की भतीजी की हत्या कर दी। इसके बाद दोनों शवों के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने अारोपी युवक चंद्रशेखर को गिरफ्तार कर लिया है।
पूछताछ में उसने शर्मनाक कृत्य कबूल किया है। पुलिस के अनुसार चंद्रशेखर नागपुर के वडधामना का रहने वाला है। मृतकों की पहचान प्रतिभा बिंड (35) और रागिनी बिंड (3) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार 28 नवंबर को प्रतिभा और उसकी बेटी रागिनी का शव पाया गया था। पुलिस के मुताबिक, 28 की रात में प्रतिभा के पति राकेश काम पर चले गए थे। इस दौरान चंद्रशेखर ने अपने मोबाइल पर पोर्न वीडियो देखी और फिर वो अपनी भाभी के कमरे में घुस गया और दुष्कर्म करने की कोशिश की।
इस बात का विरोध करने पर चंद्रशेखर ने भाभी की हत्या कर दी। इस बीच आरोपी की भतीजी भी रोने लगी तो उसकी भी हत्या कर दी। फिर दरिंदे ने दोनों के शव से दुष्कर्म किया। पुलिस ने बताया कि आरोपी को पोर्न फिल्में देखने की लत है। इसलिए वारदात को अंजाम दिया। जांच में यह भी सामने आया कि प्रतिभा मूलत: मुसलमान थी। इस कारण परिवार को यह शादी मंजूर नहीं थी।
इवेंट में 12 से 85 साल तक के सांता शामिल हुए
एजेंसी | रोम
क्रिसमस से 21 दिन पहले इटली के ट्यूरिन में 20 हजार सांता क्लॉस 18 किमी की रैली निकालकर एक जगह एकत्रित हुए। इस चैरिटी इवेंट के जरिए वे बच्चों के अस्पताल, गरीब और बेसहारा लोगों के लिए फंड जुटा रहे हैं, ताकि क्रिसमस के मौके पर उन्हें गिफ्ट और जरूरी सामान दिया जा सके। रैली में 12 से 85 साल तक के सांता थे। इनमें महिलाएं भी शामिल थीं। सभी ने साइकिल, स्कूटर और पैदल चलकर लोगों से फंडिंग के लिए अपील की। यह रैली इटैलियन चैरिटी इवेंट का नौवां संस्करण है। अथॉरिटी ने बताया कि इस चैरिटी इवेंट के लिए 20 हजार से ज्यादा लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इसमें सभी लोग पहुंचे थे। फंडिंग के लिए रैली कुछ दिन ऐसे ही चलती रहेगी। क्रिसमस से पहले फंडिंग की रकम का आंकलन किया जाएगा।
गुजरात: हेलमेट नहीं पहनने पर 67 बार चालान कटा, 20 हजार की गाड़ी का मेमो बना 25 हजार
महाराष्ट्र के नागपुर में शर्मनाक घटना, आरोपी गिरफ्तार
महाराष्ट्र के नागपुर में शर्मनाक घटना, आरोपी गिरफ्तार
अश्लील फिल्म देखता था, भाभी व भतीजी की हत्या कर दुष्कर्म किया
अश्लील फिल्म देखता था, भाभी व भतीजी की हत्या कर दुष्कर्म किया
एजेंसी| नागपुर
महाराष्ट्र के नागपुर में अश्लील फिल्म देखने की लत से पीड़ित एक युवक ने अपनी भाभी और तीन साल की भतीजी की हत्या कर दी। इसके बाद दोनों शवों के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने अारोपी युवक चंद्रशेखर को गिरफ्तार कर लिया है।
पूछताछ में उसने शर्मनाक कृत्य कबूल किया है। पुलिस के अनुसार चंद्रशेखर नागपुर के वडधामना का रहने वाला है। मृतकों की पहचान प्रतिभा बिंड (35) और रागिनी बिंड (3) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार 28 नवंबर को प्रतिभा और उसकी बेटी रागिनी का शव पाया गया था। पुलिस के मुताबिक, 28 की रात में प्रतिभा के पति राकेश काम पर चले गए थे। इस दौरान चंद्रशेखर ने अपने मोबाइल पर पोर्न वीडियो देखी और फिर वो अपनी भाभी के कमरे में घुस गया और दुष्कर्म करने की कोशिश की।
इस बात का विरोध करने पर चंद्रशेखर ने भाभी की हत्या कर दी। इस बीच आरोपी की भतीजी भी रोने लगी तो उसकी भी हत्या कर दी। फिर दरिंदे ने दोनों के शव से दुष्कर्म किया। पुलिस ने बताया कि आरोपी को पोर्न फिल्में देखने की लत है। इसलिए वारदात को अंजाम दिया। जांच में यह भी सामने आया कि प्रतिभा मूलत: मुसलमान थी। इस कारण परिवार को यह शादी मंजूर नहीं थी।
युवक बोला- अपनी गाड़ी बेच दूं तो भी चालान का भुगतान नहीं कर सकता
भास्कर न्यूज | सूरत
सूरत में हेलमेट नहीं पहनने पर एक युवक का 2 साल में 67 बार ई-चालान कटा, जिसका मेमो 25 हजार रु. बना। पुलिस ने हाल ही में सीतानगर चौक में रहने वाले हसमुख लाखा वेकरिया को मेमो थमाया है। साथ ही जल्द से जल्द चालान भरने की हिदायत दी है। हसमुख ने बताया कि इससे पहले उस दो मेमो मिले थे, जो भर नहीं पाया। पहले वाला पता भी बदल गया है। पुलिस ने नया पता ढूंढ़कर मुझे बुलाया और 25 हजार रुपए का मेमो थमा दिया। इसके बाद जब मैं एक्टिवा बेचने गया तो उसकी कीमत ही 20 हजार रुपए लगी। अब गाड़ी बेच दूं तो भी चालान की रकम नहीं मिलेगी। ट्रैफिक डीसीबी सुधीर देसाई ने बताया कि युवक ने जितनी बार उल्लंघन किया होगा, उतनी बार उसे ई-चालान गया होगा।
पहली बार 100 रु. का चालान कटा: सर्विलांस कैमरे में दर्ज रिकॉर्ड के मुताबिक, हेलमेट नहीं पहनने और रफ ड्राइविंग करने पर जून 2016 से अब तक हसमुख के 67 ई- चालान काटे गए। हेलमेट न पहनने पर पहली बार 100 रुपए उसके बाद 300-300 रु. के चालान काटे। रफ ड्राइविंग के लिए पहली बार 1000 और बाद में 2-2 हजार रु. के चालान काटे गए।
धरती का नहीं, ये मंगल ग्रह का सूर्यास्त है, इस तस्वीर को हाल ही में भेजे गए नासा के इनसाइट रोबो ने कैप्चर किया
न्यूयॉर्क| तस्वीर मंगल ग्रह पर सूर्यास्त की है। इसे हाल ही में लाल ग्रह पर उतरे नासा के इनसाइट रोबो ने कैप्चर किया है। रोबो ने इसके अलावा मंगल की सतह की भी तस्वीर भेजी है। नासा ने बताया कि सोलर पावर से चलने वाला लैंडर सही ढंग से काम कर रहा है। वह लगातार लाल ग्रह की भौगोलिक स्थितियों का अध्ययन कर डेटा पहुंचा रहा है।
ब्रिटेन: सात साल के बच्चे ने स्वर्ग में पिता को लिखा पत्र, जवाब आया- पहुंचा दिया
एजेंसी | लंदन
ब्रिटेन में 7 साल के बच्चे ने अपने मृतक पिता को जन्मदिन की बधाई देने के लिए एक पत्र लिखा। लेटर पोस्ट करने के लिए बच्चे ने लिखा- ‘मिस्टर पोस्टमैन, क्या आप इस लेटर को स्वर्ग में डिलीवर कर देंगे। ये मेरे पापा के लिए है, उनका जन्मदिन है।’ कुछ हफ्तों बाद पोस्टल डिपार्टमेंट की तरफ से जवाब आया। इसमें लिखा था- ‘स्वर्ग में लेटर भेजना काफी मुश्किल रहा। रास्ते में स्टार्स आए, जिनका सामना करके स्वर्ग में पहुंचना मुश्किल था। लेकिन हमने पत्र पहुंचा दिया है।' बच्चे की मां टेरी कोपलैंड ने बताया- कुछ समय पहले उसके पति की मौत हो चुकी है। उनका बेटा उन्हें जन्मदिन की बधाई देना चाहता था।
सूरत में शुरू हुआ देश का पहला दिव्यांगों का न्यूज चैनल, इसमें एंकर से लेकर गेस्ट तक सभी दिव्यांग
भास्कर न्यूज | सूरत
सूरत में दिव्यांगों के लिए देश का पहला ‘दिव्यांग’ न्यूज चैनल सोमवार से शुरू हो गया है। इसमें एंकर से लेकर गेस्ट तक सभी दिव्यांग होंगे। चैनल से दक्षिण गुजरात में प्रसारण शुरू हो गया है, जिसे कुछ दिनों में पूरे देश में किया जाएगा। चैनल डिसेबल वेल्फेयर ट्रस्ट ने शुरू किया है। चैनल के संचालक कनु टेलर ने कहा- ‘आने वाले दिनों में इस चैनल के लिए इंटरव्यू लेने से लेकर एंकरिंग करने तक सभी काम दिव्यांग ही करेंगे। जल्द ही उनके लिए ट्रेनिंग शुरू की जाएगी। इसमें करीब 6 महीने लग सकते हैं। उसके बाद यह दिव्यांगों के लिए दिव्यांग द्वारा चलने वाला चैनल बन जाएगा। चैनल में इंटरव्यू, दिव्यांगों के लिए चलने वाली विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी, धार्मिक और सामाजिक खबरों के अलावा अन्य किसी विषय का प्रसारण नहीं किया जाएगा। वहीं, दिव्यांग चैनल की प्रोग्राम डायरेक्टर नितल शाह ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में चैनल का नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन भेजा है।
डिसेबल वेलफेयर ट्रस्ट की पहल, अभी इसका प्रसारण गुजरात में हो रहा
डांस और गाना गाकर जुटाई फंडिंग
फंडिंग जुटाने के लिए सांता ने अलग-अलग तरीके अपनाए। रैली के दौरान कुछ सांता छोटे-छोटे पपीस को गले लगाते दिखे। कुछ सातां लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए बैंड के साथ गाने गा रहे थे। वहीं बच्चों की एक सांता टीम डांस कर लोगों को अपनी ओर खींचती रही।
असहायों की मदद करने का त्योहार
ट्यूरिन की मेयर शियारा एपेंडिनो ने कहा कि क्रिसमय दुनिया का सबसे बड़ा त्योहार है। यह गरीब और असहाय लोगों की मदद करने और उनकी समस्याओं को समझने का सही समय भी होता है। इसी वजह से हम बच्चों के अस्पतालों के लिए फंड जुटा रहे हैं। लोगों की मदद कर हम उनके चेहरे पर मुस्कान ला सकते हैं।
चैनल के शुभारंभ के मौके पर स्टूडियों में बैठे दिव्यांग गेस्ट और कर्मचारी।
दुर्लभ बीमारियों में गरीबी नहीं बल्कि मरीज पर असर के आधार पर इलाज करवाएगी सरकार
पवन कुमार | नई दिल्ली
दुर्लभ बीमारियों के मरीजों के इलाज के लिए केंद्र सरकार पॉलिसी बना रही है। ऐसे सभी मरीजों का इलाज सरकारी खर्च पर नहीं करवाया जाएगा। इलाज करवाने का फैसला आर्थिक स्थिति के बजाय यह देखकर किया जाएगा कि उसके बाद मरीज के सामान्य जीवन जीने की कितनी संभावना है।
इलाज का खर्च और उसके परिणामस्वरूप मरीज को होने वाला फायदा भी देखा जाएगा। स्वास्थ्य मंत्रालय की एक्सपर्ट कमेटी तय करेगी कि किस मरीज का इलाज करवाना है और वह भी किस स्तर से। कमेटी के अध्यक्ष स्वास्थ्य महानिदेशक हैं। दुर्लभ बीमारियों के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय का फंड 10 करोड़ से बढ़ाकर 100 करोड़ रुपए किया जा रहा है। मौजूदा समय में सिर्फ बीपीएल परिवारों को ही दुर्लभ बीमारियों के इलाज में मदद दी जाती है। कुछ विशेष मामलों में कोर्ट के निर्देश पर सामान्य परिवारों को भी मदद दी जाती रही है। लेकिन अब सामान्य परिवारों को भी मदद देने का प्रस्ताव है। एक अनुमान के अनुसार भारत में 450 दुर्लभ बीमारियों के करीब सात करोड़ मरीज हैं। इनमें 50% बच्चे हैं। 35% मरीजों की मौत एक वर्ष की उम्र तक हो जाती है। 10% बच्चों की मौत एक से पांच वर्ष और 12% की मौत पांच से 15 वर्ष के बीच हो जाती है।
बनेगी पॉलिसी, देश में 450 तरह की दुर्लभ बीमारियों के करीब सात करोड़ मरीज
डीएमडी जैसी बीमारी पर साल में 5 करोड़ रुपए लगते हैं, मंत्रालय का पूरा बजट लगाकर भी मदद संभव नहीं
ड्यूशेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी (डीएमडी) जैसी दुर्लभ बीमारी के इलाज में एक मरीज पर साल में करीब पांच करोड़ रुपए खर्च होते हैं। दुर्लभ बीमारियों में मरीजों को ज्यादातर एंजाइम थैरेपी दी जाती है। एंजाइम विदेशी कंपनियां ही बना रही हैं। इसलिए कीमत ज्यादा है। इलाज पर साल में करोड़ों रुपए तक का खर्च आम है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि मंत्रालय का पूरा बजट लगा दें तो भी दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित सभी मरीजों का इलाज सरकारी खर्चे पर संभव नहीं है।
एमिल रेटलबैंड
इससे दिव्यांगों का आत्मविश्वास बढ़ेगा
गुजरात के राज्यपाल ओपी कोहली ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की कई योजनाएं दिव्यांग और समाज तक आसानी से पहुंचाने में यह चैनल अहम भूमिका निभाएगा। दिव्यांगों के कल्याण के लिए कई संस्थाएं और एनजीओ काम कर रहे हैं। यह चैनल उनके काम को भी दिखाए। शिक्षा, खेलकूद सहित कई विभिन्न क्षेत्रों में दिव्यांगों ने जो सफलता हासिल की है, उसे चैनल के माध्यम से दिखाने पर दिव्यांगों का आत्मविश्वास बढ़ेगा।
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